चंडीगढ़, 19 जनवरी
वर्ष 2022-23 में भर्ती हुए 2227 अग्निवीरों का पहला बैच शीघ्र ही सेवानिवृत्त होने जा रहा है। हरियाणा सरकार ने इन सेवानिवृत्त अग्निवीरों को प्रदेश में गठित की जा रही पहली हरियाणा राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (HSDRF) में बड़ी संख्या में शामिल करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
इस संबंध में जानकारी राज्य की वित्तायुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग डॉ. सुमिता मिश्रा ने दी।
HSDRF गठन को लेकर हाई-लेवल समीक्षा बैठक
डॉ. सुमिता मिश्रा ने सोमवार को चंडीगढ़ में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए HSDRF के गठन से जुड़ी प्रगति की समीक्षा की। बैठक में प्राकृतिक एवं मानव-निर्मित आपदाओं से निपटने के लिए:
- क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का बुनियादी ढांचा
- जनशक्ति की तैनाती
- विशेष प्रशिक्षण प्रोटोकॉल
- परिचालन तैयारियों
पर विस्तृत चर्चा की गई।
सभी डिवीजनों में बनेगी क्विक रिस्पांस टीम (QRT)
डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि किसी भी संवेदनशील या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए राज्य के सभी डिवीजनों में एक-एक क्विक रिस्पांस टीम (QRT) का गठन किया जाएगा, ताकि आपदा के समय त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
हरियाणा के पास पहले से है प्रशिक्षित आपदा कर्मियों का मजबूत आधार
बैठक में बताया गया कि हरियाणा के पास पहले से ही प्रशिक्षित आपदा प्रतिक्रिया कर्मियों का एक सशक्त आधार मौजूद है।
आईआरबी, भोंडसी की पहली बटालियन वर्तमान में नोडल आपदा प्रतिक्रिया इकाई के रूप में कार्य कर रही है, जिसमें:
- 594 पुलिसकर्मी
- कोलैप्स स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू
- फ्लड रेस्क्यू
- केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर (CBRN) प्रतिक्रिया
जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित हैं।
इसके अलावा राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) उन्नत प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को निरंतर तकनीकी और प्रशिक्षण सहयोग प्रदान कर रहा है।
1149 पदों की स्वीकृति, बनेगी पूरी SDRF बटालियन
बैठक में भारत सरकार द्वारा डेडिकेटेड राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के गठन के लिए निर्धारित शर्तों की भी समीक्षा की गई। इन शर्तों में शामिल हैं:
- विशेष स्वीकृत पद
- समर्पित इंफ्रास्ट्रक्चर
- विशेष वर्दी और आधुनिक उपकरण
- वरिष्ठ स्तर का नेतृत्व
गृह विभाग ने 1149 पदों वाली एक पूर्ण बटालियन को मंजूरी दे दी है, जिससे हरियाणा की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को एक मजबूत आधार मिलेगा।

सभी विभागों को समग्र प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश
डॉ. सुमिता मिश्रा ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे:
- समय-सीमा
- संसाधनों की आवश्यकता
- बुनियादी ढांचा विकास योजना
- प्रशिक्षण कार्यक्रम
- चरणबद्ध कार्यान्वयन नीति
का विवरण देते हुए एक समग्र और व्यापक प्रस्ताव प्रस्तुत करें।