आत्मनिर्भर भारत-स्वदेशी थीम को साकार कर गया सूरजकुंड दिवाली मेला

आत्मनिर्भर भारत-स्वदेशी थीम को साकार कर गया सूरजकुंड दिवाली मेला

कृष्ण कौशिक
फरीदाबाद। सूरजकुंड की मनमोहक वादियों में आयोजित द्वितीय सूरजकुंड दिवाली मेला आत्मनिर्भर भारत-स्वदेशी थीम को साकार करता हुआ सांस्कृतिक विधा के साथ सम्पन्न हुआ। मेले के समापन समारोह में केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिनका स्वागत हरियाणा के पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने किया।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह स्वदेशी मेला सरकार की दूरदृष्टि और जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सूरजकुंड का यह मेला केवल व्यापारिक आयोजन नहीं, बल्कि देश की समृद्ध संस्कृति, खानपान और परिधान का संगम है जो वोकल फॉर लोकल की भावना को सशक्त करता है।

मेला परिसर में लगी विभिन्न स्वदेशी उत्पादों की स्टॉल्स का अवलोकन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने शिल्पकारों, उद्यमियों और स्टॉल संचालकों को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि यह मेला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल टू ग्लोबल अभियान को गति दे रहा है और आने वाले वर्षों में इसे और विस्तार दिया जाएगा।

समापन अवसर पर महर्षि वाल्मीकि जयंती के उपलक्ष्य में मुख्य चौपाल पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सूरजकुंड मेला संस्कृति और विरासत का जीवंत प्रतीक बन चुका है, जो प्रदेश की पहचान को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है।


डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम

मनोहर लाल ने बताया कि इस बार मेले में 450 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए थे, जिन पर क्यूआर कोड के माध्यम से डिजिटल भुगतान को प्रोत्साहित किया गया। सभी स्टॉल्स की बुकिंग भी ऑनलाइन माध्यम से की गई, जिससे प्रधानमंत्री के डिजिटल भारत के संकल्प को बल मिला।

उन्होंने कहा कि इस बार का दिवाली मेला 2023 की तुलना में चार गुना अधिक भीड़ लेकर आया और छह दिनों में लगभग 5 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। आने वाले समय में यह आयोजन हरियाणा के आर्थिक और सांस्कृतिक विकास में बड़ी भूमिका निभाएगा।


सूरजकुंड मेला आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक : डॉ. अरविंद शर्मा

पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि सूरजकुंड दिवाली मेला केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि लोक परंपरा, कला, संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत संगम है। उन्होंने कहा कि “यह मेला आत्मनिर्भर भारत – स्वदेशी अपनाओ की भावना को मजबूत करता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वोकल फॉर लोकल के संदेश को धरातल पर उतार रहा है।”

उन्होंने बताया कि इस वर्ष मेले में 456 स्टॉल्स लगाए गए जिनमें आर्ट एंड क्राफ्ट, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट, बुटीक, होम डेकोर, ज्वेलरी, फुटवियर और क्लोथिंग जैसी विविध विधाओं ने हजारों पर्यटकों को आकर्षित किया।

स्थानीय कारीगरों, महिला स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों ने अपने कौशल से यह सिद्ध किया कि हरियाणा का हुनर किसी से कम नहीं। डॉ. शर्मा ने कहा कि स्वदेशी उत्पादों को अपनाकर ही हम आर्थिक आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान दोनों प्राप्त कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए नेक्स्ट जेन जीएसटी रिफॉर्म्स 2.0 जैसे कदम वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होंगे, और स्वदेशी अभियान इसमें अहम भूमिका निभाएगा।


उपस्थित रहे गणमान्य अतिथि

समारोह में पूर्व मंत्री एवं विधायक मूलचंद शर्मा, विधायक धनेश अदलखा, विधायक सतीश फोगना, विधायक हरिंद्र सिंह, विधायक कंवर सिंह यादव, विधायक बिमला चौधरी, विधायक रणधीर पनिहार, मेयर प्रवीण बत्रा जोशी, पूर्व विधायक नरेंद्र गुप्ता, प्रिंसिपल सेक्रेटरी हरियाणा टूरिज्म कला रामचंद्रन, एमडी डॉ. शालीन, सीपी सत्येंद्र गुप्ता, डीसी विक्रम सिंह सहित अनेक अधिकारी व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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